वैदिक पत्रिका

वैदिक चिंतन एवं आधुनिक जीवन

वेदों, रामायण, आर्य समाज, संस्कार एवं राष्ट्र जागरण पर निबंध।

12 मई 2026
वेद

वेद: एक जीवित दर्शन

वेद केवल ग्रंथ नहीं, अपितु जीवन जीने की कला हैं। आइए समझें उनकी आधुनिक प्रासंगिकता।

22 अप्रैल 2026
रामायण

मर्यादा पुरुषोत्तम राम का आदर्श

श्रीराम का जीवन प्रत्येक भूमिका में मर्यादा का जीवंत उदाहरण है।

2 अप्रैल 2026
आर्य समाज

आधुनिक भारत में आर्य समाज की भूमिका

महर्षि दयानन्द ने जिस वैदिक पुनरुत्थान का स्वप्न देखा, वह आज भी अधूरा है।

18 मार्च 2026
युवा विकास

युवा और संस्कार

तकनीक के युग में संस्कार ही युवाओं का सच्चा संबल हैं।

5 मार्च 2026
महिला सशक्तिकरण

वैदिक परंपरा में नारी की गरिमा

गार्गी, मैत्रेयी, अपाला — वैदिक युग की विदुषियाँ आज भी प्रेरणा हैं।

14 फ़र॰ 2026
चरित्र निर्माण

चरित्र: जीवन की सच्ची पूँजी

धन-वैभव क्षणिक हैं, पर चरित्र चिरस्थायी है।

28 जन॰ 2026
भारतीय संस्कृति

भारतीय संस्कृति का सार

वसुधैव कुटुम्बकम् — यही भारत की आत्मा है।

10 जन॰ 2026
राष्ट्र जागरण

राष्ट्र जागरण का पुनः आह्वान

स्वामी दयानन्द से लेकर आज तक — राष्ट्र जागरण की ज्योति प्रज्वलित है।