वैदिक भजनोपदेशिका · कथा वाचिका · राष्ट्र वक्ता

विदुषी अंजलि आर्या

एक गांव की बेटी से वैश्विक वैदिक मंचों तक।

15+ वर्षों से देश-विदेश में वैदिक संस्कृति, राष्ट्र चेतना, संस्कार एवं आध्यात्मिक जागरण का संदेश।

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प्रभाव एवं विस्तार

प्रभाव एवं पहुँच

वर्षों की निरंतर साधना, सहस्रों मंच, लाखों हृदय।

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कार्यक्रम संपन्न
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क्यों आमंत्रित करें

आयोजक उन्हें क्यों आमंत्रित करते हैं

हर कार्यक्रम एक स्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव।

01

वैदिक प्रवचन

वेदों, उपनिषदों और दर्शन का सरल, हृदयस्पर्शी विवेचन।

02

रामायण कथा

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र की जीवन-प्रेरक प्रस्तुति।

03

भजन संध्या

शास्त्रीय एवं लोकप्रिय भजनों की भावपूर्ण संध्या।

04

महिला सम्मेलन

भारतीय नारी की गरिमा, शक्ति एवं नेतृत्व पर सशक्त संवाद।

05

युवा प्रेरणा

विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए चरित्र, अनुशासन एवं उद्देश्य।

06

संस्कार शिविर

बालकों के लिए वैदिक संस्कारों का व्यावहारिक प्रशिक्षण।

07

आर्य समाज महोत्सव

वार्षिकोत्सवों एवं विशेष पर्वों पर मुख्य वक्ता।

08

राष्ट्र जागरण

राष्ट्र-चेतना एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान के मंच।

यूट्यूब

प्रवचन, कथा एवं भजन

विदुषी अंजलि आर्या के यूट्यूब चैनल से चयनित प्रस्तुतियाँ।

नवीनतम वीडियो

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भजन संध्या

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वैदिक प्रवचन

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रामायण कथा

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शॉर्ट्स

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जीवन यात्रा

एक गांव की बेटी से वैश्विक वैदिक मंचों तक

एक छोटे गांव की मिट्टी से उठा एक स्वर — दस अध्यायों में।

अध्याय एकजन्म

ताना गांव, शामली की मिट्टी

उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के ताना ग्राम में एक साधारण परिवार में जन्म। परिवार में संगीत या मंच की कोई परंपरा नहीं — केवल एक शांत गांव और एक भीतर बहती हुई आत्मा।

प्रभावएक साधारण परिवार · असाधारण आस्था
Born in Village Tana, Shamli
अध्याय एक
जन्म
अध्याय दोबाल्यकाल

दादाजी के संग आर्य समाज से प्रथम परिचय

दादाजी श्री ओमप्रकाश आर्य उन्हें बचपन से आर्य समाज के सम्मेलनों, यज्ञों एवं वैदिक आयोजनों में लेकर जाते। इन्हीं मंचों ने उनके मन में वेद, संस्कृति एवं समाज सेवा का बीज बोया।

प्रभाववेदों का प्रथम स्पर्श
Arya Samaj — through her grandfather's hand
अध्याय दो
बाल्यकाल
अध्याय तीन10+ वर्ष

स्वाध्याय — गुरुकुल के बिना ज्ञानार्जन

लगभग दस वर्ष की आयु से ही आर्य विद्वानों के व्याख्यान सुनने आरंभ किए। वैदिक साहित्य, भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, संस्कार शिक्षा एवं चरित्र निर्माण का गहन स्वाध्याय।

प्रभावबिना गुरुकुल — पूर्ण विद्वत्ता
Self-Study & Knowledge Acquisition
अध्याय तीन
10+ वर्ष
अध्याय चारविद्यालयी मंच

पहला सार्वजनिक भाषण

शिवम पब्लिक स्कूल, शामली के सांस्कृतिक मंचों पर दादाजी द्वारा लिखे गए भाषणों की प्रभावशाली प्रस्तुति। यहीं से एक स्वर ने अपना मार्ग चुना।

प्रभावमंच — पहली पहचान
First Public Speech
अध्याय चार
विद्यालयी मंच
अध्याय पाँचसाधना काल

भजन साधना एवं अभ्यास

शामली चीनी मिल विद्यालय के एक संगीतज्ञ से हारमोनियम एवं सुर-साधना का प्रारंभ। पिता श्री धनीराम धीमान का प्रोत्साहन, माता श्रीमती निर्मला देवी का संबल — और निरंतर अभ्यास।

प्रभावस्वर — अब साधना बन गया
Bhajan Training & Practice
अध्याय पाँच
साधना काल
अध्याय छह2009

प्रथम राष्ट्रीय मंच — धमनार, मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के धमनार में आयोजित कार्यक्रम में उनके भजनों को असाधारण सराहना। यहीं से उनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बननी आरंभ हुई।

प्रभावराष्ट्रीय यात्रा का शुभारंभ
First National Stage — Dhamnar, MP
अध्याय छह
2009
अध्याय सातदेशव्यापी

भारत भर में पहचान

लगभग सभी राज्यों में हज़ारों वैदिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों में प्रभावशाली उपस्थिति। रामायण कथा, गीता संदेश, वैदिक प्रवचन एवं भजन संध्या की एक अग्रणी आवाज़।

प्रभाव22+ राज्य · 2500+ कार्यक्रम
Recognition Across India
अध्याय सात
देशव्यापी
अध्याय आठवैश्विक

अंतरराष्ट्रीय वैदिक मंच

मॉरीशस, नेपाल, दुबई एवं अन्य देशों में वैदिक प्रवचन एवं भजनोपदेश। प्रवासी भारतीयों तक वेदों का प्रकाश। वर्ष भर में 300+ कार्यक्रम निर्धारित।

प्रभाव7+ देश · 300+ वार्षिक कार्यक्रम
International Vedic Stages
अध्याय आठ
वैश्विक
अध्याय नौमिशन

युवा जागरण मिशन

नशामुक्ति, चरित्र निर्माण, वैदिक जीवनशैली, राष्ट्रभक्ति एवं नेतृत्व पर युवाओं हेतु निरंतर मार्गदर्शन। कारागारों में बंदियों के बीच सत्संग एवं चरित्र निर्माण कार्यक्रम।

प्रभावअगली पीढ़ी — संस्कारों से जुड़ी
Youth Awakening Mission
अध्याय नौ
मिशन
अध्याय दससंकल्प

आगे की दृष्टि — वैदिक पुनर्जागरण

वैदिक संस्कृति एवं समाज सेवा को पूर्ण जीवन समर्पित करने हेतु आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प। एक संस्कारित, जागरूक एवं चरित्रवान समाज के निर्माण की दृष्टि।

प्रभावएक जीवन · एक संकल्प
Future Vision — A Vedic Renaissance
अध्याय दस
संकल्प

“दृढ़ संकल्प, समर्पण और संस्कार — साधारण को असाधारण बना देते हैं।”

— विदुषी अंजलि आर्या
कार्यक्रम

विशेष कार्यक्रम

हर मंच एक संकल्प।

Ramayan Katha

रामायण कथा

सात दिवसीय भव्य कथा।

Bhajan Sandhya

भजन संध्या

मधुर भक्ति-संगीत संध्या।

Vedic Pravachan

वैदिक प्रवचन

वेद-वचनों पर सार-गर्भित व्याख्यान।

Women Awakening

महिला जागरण

नारी सम्मान एवं सशक्तिकरण।

Youth Transformation

युवा परिवर्तन

संस्कार आधारित युवा शिविर।

Arya Samaj Mahotsav

आर्य समाज महोत्सव

वार्षिक उत्सव एवं यज्ञ।

यात्रा का मानचित्र

जहाँ-जहाँ स्वर पहुँचा

भारत के सैकड़ों नगर, लाखों श्रोता।

मानचित्र लोड हो रहा है…
क्षण

गैलरी

वास्तविक क्षण। वास्तविक मंच। वास्तविक प्रभाव।

Stage
Katha gathering
Bhajan
Audience
आयोजकों के शब्द

जिनके मंच पर उनका स्वर गूंजा

देश-विदेश के आयोजकों, श्रोताओं एवं संस्थाओं के अनुभव।

विदुषी जी का प्रवचन सुनकर हमारे श्रोता आज भी उस संध्या की चर्चा करते हैं।
Acharya Devendra Sharma
अध्यक्ष, आर्य समाज दिल्ली
अंजली जी की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को एक दिव्य ऊँचाई प्रदान की।
Dr. Sushma Verma
संयोजक, महिला सम्मेलन, जयपुर
विदेश में रहकर भी जब उनकी रामायण कथा सुनी, ऐसा लगा मानो भारत स्वयं घर आ गया हो।
Rajesh Kaushik
संयोजक, हिन्दू मंदिर, लंदन
हमारे विद्यार्थियों के जीवन में जो परिवर्तन उनके एक संवाद से आया, वह वर्षों के उपदेशों से नहीं आया था।
Prof. Ashok Mehra
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय
भजन संध्या में पाँच हज़ार श्रोता घंटों मंत्रमुग्ध बैठे रहे।
Smt. Kamla Arya
संयोजिका, वार्षिक उत्सव, हरिद्वार
आज की पीढ़ी को वैदिक संस्कारों से जोड़ने का जो कार्य वे कर रही हैं, वह राष्ट्रीय महत्व का है।
Swami Arsh Muni
आचार्य, परोपकारिणी सभा
कार्यक्रम

आगामी एवं विगत आयोजन

देशभर के मंचों से — आगामी कार्यक्रम और विगत आयोजनों की झलक।

आगामी कार्यक्रम

सभी देखें

जल्द ही घोषणा होगी।

विगत कार्यक्रम

संग्रह देखें

शीघ्र ही जोड़े जाएंगे।

दैनिक वैदिक वचन
“सत्यमेव जयते नानृतम् — सत्य ही विजयी होता है, असत्य नहीं।”
— मुण्डक उपनिषद् 3.1.6
और वचन पढ़ें
लेख

विचारों की दीप-शिखा

वेद, रामायण, संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना पर चयनित लेख।

वेद

वेद: एक जीवित दर्शन

वेद केवल ग्रंथ नहीं, अपितु जीवन जीने की कला हैं। आइए समझें उनकी आधुनिक प्रासंगिकता।

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रामायण

मर्यादा पुरुषोत्तम राम का आदर्श

श्रीराम का जीवन प्रत्येक भूमिका में मर्यादा का जीवंत उदाहरण है।

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आर्य समाज

आधुनिक भारत में आर्य समाज की भूमिका

महर्षि दयानन्द ने जिस वैदिक पुनरुत्थान का स्वप्न देखा, वह आज भी अधूरा है।

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आमंत्रण

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एक स्मरणीय आध्यात्मिक संध्या जो आपके श्रोताओं के हृदय में वर्षों तक गूंजती रहेगी।

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